Thursday, October 20, 2011

Four way of koshsih

There are four way।



  1.  शिक्षा (Education)
  2. स्वाध्याय (Self-realization) 
  3. अध्यात्म (Spiritualization); और
  4. तत्त्वज्ञान (Perfect Knowledge) हैं।

ये चार प्रकार का ज्ञान है, चार प्रकार के उनके अस्तित्व हैं। संसार-शरीर के बीच एजुकेशन कहलाता है यानी खिलकत और जिस्म के बीच की जानकारियाँ एजुकेशन हैं, शिक्षा हैं। जिस्म और रूह के बीच या बॉडी और सेल्फ के बीच या शरीर और जीव के बीच सेल्फ रियालाइजेशन है अर्थात स्वाध्याय है। रूह और नूर के बीच यानी जीव और आत्मा के बीच या सेल्फ और सोल के बीच की जानकारियाँ जो हैं अध्यात्म हैं-योग साधना-स्पिरिच्युलाइजेशन हैं। आत्मा और परमात्मा के बीच अथवा ईश्वर और परमेश्वर के बीच या नूर और अल्लाहतआला के बीच या सोल एण्ड गॉड के बीच की जो जानकारी है वह तत्त्वज्ञान है- खुदाई इल्म है- सुप्रीम नोलेज है- परफेक्ट नोलेज है। ये सब उसके टाइटिल हैं। Koshish group
सन्त ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस

1 comments:

XLNC TEAM said...

Thanks for the info, it was really helpful. I'll surely visit back again later.

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